Tuesday, 10 January 2012

आप सब जानते हे की शराब पीना गन्दी बात हे लेकिन पीने, वाले की  मज़बूरी  हे क्या करे कोई उसका साथ नहीं देता , सब उससे दूर भागते हे तो इन्सान सोचता हे की जीना बेकार हे अब क्या करू ,इस फ़िराक में उसे गली मोहल्ले में पिय्कड़ मिल जायेगे .यही से शुरू होता हे पीना ,दूशरा जो लोग गरीब तबके से होते हे मनोरंजन  का अन्य साधन नहीं हे तो शाम को देसी दारू पीकर अपना एन्जॉय करता हे इस चकर में घर का चुला नहीं जलता ,बीबी और बच्चे भुके मरते हे ,.बड़े लोग जो अमीरी में जीते हे ये लोग पञ्च सितारा होटल में दारू  पीते हे ,क्या करे सब की अपनी अपनी मज़बूरी हे यदि आप लोग बीड़ा उठाये तो लोग दारू न पीये इस के लिए कठोर कानून होने चाहए ,

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