देखा आपने ऑस्ट्रेलिया ने रिक्की पोइंटिंग को एक दिवसयी मैच में नहीं चुना जबकि रिक्की ने दो बार वर्ल्ड कप जीता और सबसे सफल कप्तान रहे ,क्योकि इन लोगो को देश की इज्जत का ज्यादा ख्याल हे न की व्यक्ति विषेस की ,यहाँ जैसे हे टीम में नहीं चला पत्ता साफ ,जबकि भारत में न तो खिलाडी को शर्म हे न ही चुनने वालो को बस चलते रहो ,देश हारे तो हारने दो ,कारन हम ही क्यों ना हो ,सचिन हो या अन्य खिलाडी ,क्या ये लोग भारत देश से भी बड़े हो गए ,जो की बिना फॉर्म में भी देश की टीम में खेलकर ,देश की नाक डुबो रहे हे ,और आम आदमी का मान घटा रहे हे .हमारी सरकार और क्रिकेट बोर्ड को ही चिंता नहीं .क्योकि हमारे देश में बहुमत का राज्य हे चाये वो अनपढ़ ही क्यों न हो ,इसका खामियाजा देश की आम और गरीब जनता झेलती हे लेकिन इन मोटी खाल के लोगो पैर कोई असर नहीं होता हे ,ये तो सिर्फ अपनी ही सोचते हे और देश को गर्त की तरफ ले जाने में अग्रसर हे
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