राज्य के आला पुलिस अफसर आज कल दोड़ रहे ताकि स्वस्थ रहे ,अच्छी बात हे लेकिन आप को बता दू की अफसर की जीवन शेली और सिपाही की जीवन शेली में रात दिन का अंतर होता हे ,अफसर तो बैसे ही फिट रहेता हे जबसे सरकारी अधिकारी बना ,कारन सब काम नोकर चाकर करते हे इन को तो सिर्फ हुकम देने का आर्डर होना चाहिए ,सब पल में हाज़िर ,बही सिपाही हो या आम आदमी इन लोगो को पचास काम हे ,परेशानी ज्यादा हे दिन भर ये लोग इतनी भागा दोडी करते हे की इन लोगो की हालत बड़ी ख़राब हो जाती हे ,अब शहर के बड़े बड़े अधिकारी सुबह सुबह पोलो मैदान पर पैदल सैर करने जाते हे या गोल्फ या अन्य खेल तो आम आदमी तो जा ही नहीं सकता कारन यहाँ की मेम्बर शिप फीस बहुत ज्यादा हे जो आम आदमी नहीं दे सकता उपर से यहाँ का स्तर बड़ा हे जो आम आदमी के बस का नहीं
राम नरेश गुप्ता सोडाला जयपुर
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