Sunday, 11 March 2012


हड़ताल कोई अच्छा शब्द नहीं हे ,निजी क्षेत्र में ये कभी कभी ही होती हे कारन मालिक की ज्यादा चलती हे ,हड़ताल के कारन अफसर और नेता होते हे ,पहले तो ये लोग काम करने वालो को टोटके बता देते हे फिर कहते हे की तुम सब हड़ताल पर चले जाओ ,और सरकार को तुम्हारी मांग माननी पड़ेगी ,कारन सब को तो निकाल सकती नहीं और नई भर्ती हो नहीं सकती ,बस इस हड़ताल में आम और गरीब इन्सान परेशान होता हे जबकि सरकार और दलालों की कमाई होती हे आज कल हड़ताल कोई भी कर सकता हे सरकार के पास कोई कड़े कानून नहीं हे इस को रोकने के  PUBLISHED ON 12 MARCH 2012 IN DAILY NEWS 

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