Saturday, 5 January 2013

हाई कोर्ट ने आदेश दिया की रामगढ बांध से अतिकर्मन हटाये जाये ,सर्कार ने आनन् फानन में छोटे लोगो के आशियाने तोड़ दिए और बड़े लोगो के महल ,होटल ,फार्म हाउस के हाथ तक नहीं लगाया ,तो बड़ी कोन ,हाई कोर्ट या  सरकार ,समज लो .

दूशरा  जयपुर में जल महल झील का प्रकरण भी चला और हाई कोर्ट ने आदेश दिया की झील को बापस पहले वाली पोजीशन में लाओ ,लेकिन कुछ नहीं

कोर्ट आये दिन फैसले सुनती हे की अमुक पार्टी को ये फायदे दिए जाये क्योकि सरकार में बैठे लोग पीड़ित को परेशान और प्रमोशन नहीं देते ,अब पीड़ित पार्टी कोर्ट में जाती हे और समय और पैसे की बर्बादी अलग ,जितने के बाद सरकारी अफसरों को लगता हे क्यों पीड़ित पार्टी को फायदा दिया जाये रोने दो ,हाई कोर्ट को चाहिए की जिसकी वजेह से पीड़ित को फायदा नहीं पंहुचा उसे तुरंत डिसमिस किया जाये नोकरी से और उसकी सम्पति में से मुआवजा दिया जाये ,गलती सरकारी बाबु या अफसर करे और नुक्सान किसी और को

माननीय कोर्ट को चाहिए की उसके आदेशो की पलना की जाये ना की देरी ,जो नहीं मने उस पर सजा करे और वसूली भी करे

राम नरेश गुप्ता 286विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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