Saturday, 23 February 2013

जब किसी का दुकान या मकान टूटता हे तो बड़ा ही दुःख होता हे लेकिन जयपुर में बरकत नगर टोंक फाटक में लोग बाग़ अपने दुकान या मकान को तोड़ कर खुस हे कारण जो काम भगवन या इश्वर या कोर्ट नहीं कर पाया उसे ये लोग अपने हाथो से तोड़ कर बहुत खुश हे .कारण ये हे की दूकानदार इन मकान वालो की दुकाने खाली नहीं कर रहे थे बल्कि कोर्ट से स्टे भी ले रखा था साथ में किराया भी नहीं बड़ा रहे थे अब मकान मालिक बेचारा क्या करे ,सिवाय अपनी किस्मत को रोने के अलावा ,ये लोग पूरी तरेह से निराश हो कर बैठ गए थे की अचानक सरकार या कोर्ट का आदेश की बरकत नगर की सड़के चोडी करो और जो अतिकर्मन किया हुआ हे उसे हटाओ ,नहीं तो सरकार अपने स्तर पर तुड्वाए ,तो सब मकान मालिक का रोम रोम राजी ,और उन्होंने जरुरत से ज्यादा दूकान तुडवा दी और अपने किरायेदारो से मुक्ति भी पा ली .इसे कहते हे की धन को पाने के लिए धन खर्च करना पड़ता हे 

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