Friday, 1 March 2013

करीब तिस साल पहले की बात हे तब में क्लास ग्यारह में पड़ता था परीक्षा के बिच होली का त्यौहार आ गया ,में भी दोस्तों के साथ होली खेली और दोस्तों ने ठंडाई  में  भांग मिला कर पिला दी ,मुझे पता नहीं चला ,घर आ का खूब खाना खाया और सो गया ,दुश्रे दिन मैथ्स का पेपर था ,तयारी थी तो डर  किस बात का ,बस पेपर मिलते ही चालू हो गया में तो और चार  पांच सप्लीमेंट्री कॉपी भरकर आ गया और मेरे नंबर भी अछे आये ,अब याद आती हे की होली पर भांग की कोई भी वास्तु खाना कितना महंगा पद सकता हे वो तो में साल भर पड़ता था और परीक्षा मे  बिलकुल नहीं .

राम नरेश गुप्ता  286              विवेक विहार सोडाला जयपुर राजस्थान

09829200510

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