आन्दोलनो में पुलिस मात्र दर्शक बन कर रह जाती हे जब पूरा हादसा हो जाता हे तब सो कर उठती हे आन्दोलनो में पुलिस वाले गप सप करते रहते हे कोई तोड़ फोड़ करता हे तो कुछ नहीं करते ये लोग उस समय अपनी जान की परवाह करते हे फिर भी इनके साथ चोट हो जाती हे ,हमारे देश की पुलिस आम और गरीब इंसान को ही परेशान करती हे जबकि नेता ,बदमाश और गुंडे मवाली पुलिस की नाक के निचे रहते हे ,क्योकि जब तक आन्दोलनो नहीं होगे पुलिस वालो को कोन पुछेगा क्योकि आन्दोलनो के बाद ही पुलिस वालो की कमाई होती हे ओए पूछ ताछ के बहाने लोगो से पैसे वसूल करते हे यदि समय रहते ही पुलिस सतर्क हो जाये तो आन्दोलनो ही नहीं होवे ,लेकिन नेता अफसर ,मन्त्रि. ,और गुंडे मवाली सब चाहते हे की आन्दोलनो हो और इस बहाने ये सब लोग अपनी अपनी रोटी सेंक लेते हे और आम नागरिक मारा जाता हे
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