वाराणसी का पुराना नाम काशी है। वाराणसी विश्व का प्राचीनतम बसा हुआ शहर है। गंगा नदी के किनारे बसा है दो नदियों वरुणा और असि के मध्य बसा होने के कारण इसका नाम वाराणसी पड़ा।
वाराणसी भारतवर्ष की सांस्कृतिक एवं धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात है। वाराणसी के लोगों के अनुसार, काशी के कण-कण में शिवशंकर हैं वाराणसी नगर की रचना गंगा के किनारे है, जिसका विस्तार लगभग 5 मील में है
वाराणसी गायन एवं वाद्य दोनों ही विद्याओं का केंद्र रहा है। सुमधुर ठुमरी भारतीय कंठ संगीत को वाराणसी की विशेष देन है
वाराणसी भारतवर्ष की सांस्कृतिक एवं धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात है। वाराणसी के लोगों के अनुसार, काशी के कण-कण में शिवशंकर हैं वाराणसी नगर की रचना गंगा के किनारे है, जिसका विस्तार लगभग 5 मील में है
वाराणसी गायन एवं वाद्य दोनों ही विद्याओं का केंद्र रहा है। सुमधुर ठुमरी भारतीय कंठ संगीत को वाराणसी की विशेष देन है
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