अशोक गहलोत राज्य के मुख्मंत्री हे और अभी सरकार चला रहे हे ,चुनाव दूर हे लेकिन सत्ता और विपक्ष के नेता एक दुश्रे पर कीचड़ उछाल कर जनता को क्या बताना चाहते हे की दोनों साहूकार हे या दूध के धुले हुए हे
मुख्मंत्री पद पर होते हुए ऐसे बाते शोभा नहीं देती ,इस प्रकार तो छोटे बच्चे भी नहीं लड़ते क्योकि जब तक आप सरकार में हे तब तक आप को शालीनता से रहना चाहिए ,रही बात विपक्ष की नेता की यानि महारानी जी की तो चुनावी माहोल अभी दूर हे आप यात्रा निकालो या अन्य प्रदर्शन करो लेकिन खुले आम आरोपे प्रत्यारोपे ना करे तो अच्छा रहेगा ,कारण सब जानते हे की चुनावो के समय सब सक्रिय हो जाते हे और जैसे ही चुनाव ख़तम सब नेता नंगले हारे हुए या जीते हुए सब अपने अपने बिल में घुस जाते हे
राज्य को बचने दो और कुछ आम जनता के काम करो ताकि आप लोगो को दुनिया याद करे ,वरना अपना काम तो स्वंय को ही करना पड़ता हे गेरो का करे तो मालूम चले
जयपुर में एक ही चर्चा हे की मेट्रो का उदघाटन कोन सी सरकार करेंगी ,वर्तमान में हेजो .या आने वाली सरकार ,क्योकि चुनाव नजदीक हे ,ये तो समय बतायेंग की क्या होता हे
लेकिन हमारे मंत्री महोदय बड़े ही परेशान हे जब चाहे तब ही मेट्रो के स्टाफ और डिपो या जहा भी मेट्रो का काम हो रहा हे बहा चले जाते हे यहाँ तक तो अछि बात हे लेकिन मेट्रो के लिए इतनी जल्द्वाजी ठीक नहीं क्योकि काम में समय लगता हे कोई हाथ में सरसों नहीं उगती ,
,मंत्री जी चाहते हे की फीता उनके द्वारा कटे और नाम पटिका में नाम अंकित हो जाये ,लेकिन चुनावी माहोल के कारण आप जल्द्वाजी जो कर रहे हे वो कही भरी ना पड़ जाये ,क्योकि जल्द्वाजी का काम शैतान का होता हे आप अपने एफ्फोर्ट्स करे बुत डंडे के जोर पर नहीं
मुख्मंत्री पद पर होते हुए ऐसे बाते शोभा नहीं देती ,इस प्रकार तो छोटे बच्चे भी नहीं लड़ते क्योकि जब तक आप सरकार में हे तब तक आप को शालीनता से रहना चाहिए ,रही बात विपक्ष की नेता की यानि महारानी जी की तो चुनावी माहोल अभी दूर हे आप यात्रा निकालो या अन्य प्रदर्शन करो लेकिन खुले आम आरोपे प्रत्यारोपे ना करे तो अच्छा रहेगा ,कारण सब जानते हे की चुनावो के समय सब सक्रिय हो जाते हे और जैसे ही चुनाव ख़तम सब नेता नंगले हारे हुए या जीते हुए सब अपने अपने बिल में घुस जाते हे
राज्य को बचने दो और कुछ आम जनता के काम करो ताकि आप लोगो को दुनिया याद करे ,वरना अपना काम तो स्वंय को ही करना पड़ता हे गेरो का करे तो मालूम चले
जयपुर में एक ही चर्चा हे की मेट्रो का उदघाटन कोन सी सरकार करेंगी ,वर्तमान में हेजो .या आने वाली सरकार ,क्योकि चुनाव नजदीक हे ,ये तो समय बतायेंग की क्या होता हे
लेकिन हमारे मंत्री महोदय बड़े ही परेशान हे जब चाहे तब ही मेट्रो के स्टाफ और डिपो या जहा भी मेट्रो का काम हो रहा हे बहा चले जाते हे यहाँ तक तो अछि बात हे लेकिन मेट्रो के लिए इतनी जल्द्वाजी ठीक नहीं क्योकि काम में समय लगता हे कोई हाथ में सरसों नहीं उगती ,
,मंत्री जी चाहते हे की फीता उनके द्वारा कटे और नाम पटिका में नाम अंकित हो जाये ,लेकिन चुनावी माहोल के कारण आप जल्द्वाजी जो कर रहे हे वो कही भरी ना पड़ जाये ,क्योकि जल्द्वाजी का काम शैतान का होता हे आप अपने एफ्फोर्ट्स करे बुत डंडे के जोर पर नहीं
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