Friday, 10 May 2013

आज कल जहा देखो वहा यात्रा चल रही हे यानि चुनावी राजनीती की कोई क्या नाम देता हे कोई क्या देता इन सता में हो या विपक्ष में इनकी जेब से तो कुछ जाता नहीं बल्कि आम जनता के पैसे का दुरपयोग करते हे और मीडिया में छये रहते हे यदि ये ही लोग अपनी जेब से यात्रा करे तो इनको इनकी नानी याद आ जाये .

ये यात्रा का शुरुआत लाल कृष्ण आडवानी जी ने की राम रथ यात्रा के नाम से ,कितने ही लोगो को मरवाया गया और आज तक राम मंदिर नहीं बना जबकि ये लोग भी सत्ता में रहे तो ये यात्रा का कुछ भी नाम दे दो मरता हे तो आम आदमी और नागरिक ,लेकिरुकते   न इन नेताओ के लिए ये यात्रा तो मात्र पिकनिक और सैर सपाटा से ज्यादा कुछ नहीं होता क्योकि किसी तरह से सत्ता पर बैठ  जाओ और जीवन के आनद लो और गरीब जनता का खून चुसो और मजे लो

चुनावी माहोल में सत्ता और विपक्ष  के माननीय नेता एक दुश्रे पर नाम ले लेकर आरोप ,प्रत्यारोप करते हे हे जबकि दोनों ही जानते हे की ये सिर्फ कुर्सी के लिए लड़ रहे हे और झूटे बोल रहे हे होना जाना कुछ नहीं इन लोगो के काम कभी नहीं रुकते बल्कि तेजी से चलते हे ,काम तो आम जनता के नहीं होते जो की रोजी रोटी और जीवन निरभाह  के लिए होते हे

भगवान् जाने इन लोगो के बुदाह्पे में क्या हाल होगा

राम नरेश गुप्ता   286                                                                विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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