Friday, 14 June 2013

मानसून पूर्व की तेयारी कागजो में पूरी हो गयी ,बजट मिल जुल कर बाट कर खा लिया ,अफसर ,ठेकेदार और मंत्री तक प्रसाद पहुच गया तो कोई कुछ नहीं कर सकता इन लोगो का ,वास्तव में अब हालत ज्यादा ख़राब हो गयी ,हर साल की तरह आधा कचरा नालो से निकाला और वाही सड़क पर डाल दिया ,एक बारिश में ही सब तरफ कीचड़ ही कीचड़ हो गया और सब तरफ सड़ रहा हे बदबू के मारे आम जनता का बुरा हाल हे जबकि अफसरों और मंत्रियो के इलाके में साफ़ सफाई अच्छी हे कारन आज के समय में बो ही सब कुछ हे जब तक पद पर हे ,लेकिन आम इंसान किस के पास जा कर रोये सब तरफ लुटेरे ही बैठे हुए हे ,

सबसे बड़ी बात जयपुर का नगर निगम तो मेयर बनाम अफसरों की लड़ाई का अड्डा हे तो इनको तो सिर्फ अपने वेतन और भत्तो से मतलब हे जयपुर  की जनता भुगते इस गन्दी नालो को साथ में इन भरष्ट लोगो को ,इनका भगवान् कैसे भला करेंगे ?

राम नरेश गुप्ता   286      विवेक विहार सोडाला जयपुर 

No comments:

Post a Comment