देखा आपने श्री निवासन ने अपना पद नहीं छोड़ा बल्कि उसी पर काबिज रहे जो उनके विरुद्ध बोल रहे थे या जिन्होंने इस्तीफा दे दिया ,मीटिंग में भीगी बिल्ली की तरह दुबके रहे और झूटे प्राणी का साथ दिया ,क्या सरकार या बोर्ड या कोर्ट या अन्य एजेंसी कमजोर हे इस आदमी के सामने या परदे के पीछे कोई डीलिंग हे या पूरी की पूरी दाल काली हे या सब चोर ,लुटेरे या डाकू हे ,कोई नेतिकता रही नहीं बस सब दोहन में लग रहे हे
इससे से साफ जाहिर होता हे की फिक्सिंग में सब लोगो का साथ हे जिसमे बोर्ड के सब लोग शामिल हे सरकार और खेल मंत्री और अन्य के पास समय समय पर ये चोर लोग तन .मन और धन से सेवा करके चुप कर देते हे
अब आप अंदाज लगाओ की कोई खिलाडी भारितीय टीम में किस तरह से आता होगा फेयर सिलेक्शन तो मुश्किल हे खास तोर से नया खिलाडी जिसके पास ना ही सिफारिश हे ना ही पैसे हे बेचारा इन लोगो के कारण अपनी आत्मा का हनन करता रहता हे तो सब तरफ लुट मची हुई हे बस आ[पको फायदा लेने के लिए इन लोगो का गुलाम बनना होगा और जीवन के आनंद लेते रहे
राम नरेश गुप्ता 286 विवेक विहार सोडाला जयपुर
इससे से साफ जाहिर होता हे की फिक्सिंग में सब लोगो का साथ हे जिसमे बोर्ड के सब लोग शामिल हे सरकार और खेल मंत्री और अन्य के पास समय समय पर ये चोर लोग तन .मन और धन से सेवा करके चुप कर देते हे
अब आप अंदाज लगाओ की कोई खिलाडी भारितीय टीम में किस तरह से आता होगा फेयर सिलेक्शन तो मुश्किल हे खास तोर से नया खिलाडी जिसके पास ना ही सिफारिश हे ना ही पैसे हे बेचारा इन लोगो के कारण अपनी आत्मा का हनन करता रहता हे तो सब तरफ लुट मची हुई हे बस आ[पको फायदा लेने के लिए इन लोगो का गुलाम बनना होगा और जीवन के आनंद लेते रहे
राम नरेश गुप्ता 286 विवेक विहार सोडाला जयपुर
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