Monday, 22 July 2013

इंसान तो पशु से भी ज्यादा बदतर हो गया हे पशु तो खा पी कर संतुष्ट हो जाते हे लेकिन इंसान की भूख कभी नहीं मिटती बल्कि दिन प्रति दिन बढती जाती हे इंसान अपने स्वार्थ के लिए पशु तो क्या अपने रिश्तेदारों का ही कतल कर देते हे इंसान की इस भूख ने कितनी ही जानवरों की प्रजातियों को तो हमेशा के लिए तस्वीर में सीमेट कर रख दिया बाकि को ख़तम करने की तयारी में हे क्या करे इस इंसान का पेट ही नहीं भरता .
पशु और पक्षियों का विनाश ज्यादातर अनपढ़ लोगो ने तो मात्र अपनी पेट की आग भुजाने के लिए किया लेकिन इन पढ़े लिखे लोगो का क्या करे जो आमिर ,टोन टोटके और अपनी शरीर की ताकत बढाने के लिए करते हे इनमे अफसर ,नेता मंत्री और बड़े बड़े बिज़नसमेन शामिल होते हे ,

पकडे जाने के बाद कोई कठोर  कानून तो हे नहीं ले दे कर छुट जाते हे

चप्पू  अगरवाल   विवेक विहार    सोडाला जयपुर                  

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