जातिवाद की राजनीती और लोकतंत्र देश के लिए घातक हे वही नेता इस के द्वारा मलाई और मोज मस्ती करते हे आम जनता को जाती के चक्कर में फसा कर कितने ही जनम की दुश्मनी करा देते हे जो की कभी ख़तम नहीं होती बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती हे ,हां नेता लोग इस कारन से अपना जुगाड़ करलेते हे और राजनीती के साथ चल अचल सम्पति का जमावड़ा भी कर लेते हे जब तक आम जनता को कुछ समझ में आये तब तक ये नेता टाइम बाउंड हो कर घर बैठ जाते हे अब इनके रिश्तेदार इसी को भुना कर अपना जीवन शुरू करते हे क्योकि भारत की राजनीती में पार्टी बाद में पहले जाती के नाम पर वोट पड़ते हे इसी कारन से बहुत सारे निर्दलीय चुनाव जित जाते हे तो बाकि पार्टी वाले भी किस जाती के कितने वोट हे उसी हिसाब से प्रत्याशी चुनाव लड़ने के लिए खडा करते हे
अनत ,इ ये देश को गर्त में ले जा रही हे और लोगो के बिच में जाती के नाम पर दंगे फसाद होते रहते हे और राजनीती वाले मजे लेते रहते हे जब तक आम जनता नहीं समझेंगी तब तक ये लोग अपनी रोर्टी सेकते रहेंगे और देश बर्बादी की तरफ ......
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
अनत ,इ ये देश को गर्त में ले जा रही हे और लोगो के बिच में जाती के नाम पर दंगे फसाद होते रहते हे और राजनीती वाले मजे लेते रहते हे जब तक आम जनता नहीं समझेंगी तब तक ये लोग अपनी रोर्टी सेकते रहेंगे और देश बर्बादी की तरफ ......
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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