सावन का महिना चल रहा हे ,भोले नाथ को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए की जल्दी खुश हो जाये ,साथ में किसी की कोई भी मुराद हो तो निम्न उपाय कर सकते हो ,लाभ ही लाभ हे ,
भगवान शिव को दूध की धारा से अभिषेक करने से मुर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है, घर की कलह शांत होती है।
जल की धारा से अभिषेक करने से विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
घृत यानी घी की धारा से अभिषेक करने से वंश का विस्तार, रोगों का नाश तथा नपुंसकता दूर होती है।
इत्र की धारा चढ़ाने से काम सुख व भोग की वृद्धि होती है।
शहद के अभिषेक से टीबी रोग का नाश होता है।
गन्ने के रस से आनंद की प्राप्ति होती है।
गंगाजल से सर्वसुख व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
साथ ही पुष्प का भी उपयोग कर सकते हो बाबा को रिझाने के लिए
धतुरे के पुष्प शिव को अर्पित करने से पुत्र की प्राप्ति होती है।
आंकड़ें के फूल अर्पण करने से लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
बेला से सुंदर सुयोग्य पत्नी की प्राप्ति होती है।
एक लाख बिल्वपत्र से हर इच्छित वस्तु की प्राप्ति होती है
जपाकुसुम से शत्रु का नाश होता है।
हरसिंगार से सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है
आंक, अलसी ओर शमी पत्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शंखपुष्प से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
दुपहरियां के पुष्प से आभूषणों की प्राप्ति होती है।
तुलसी, चंपा और केवड़ा के पुष्प शिव पूजन में निषेध है।
सकलन कर्ता राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर राजस्थान
भगवान शिव को दूध की धारा से अभिषेक करने से मुर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है, घर की कलह शांत होती है।
जल की धारा से अभिषेक करने से विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
घृत यानी घी की धारा से अभिषेक करने से वंश का विस्तार, रोगों का नाश तथा नपुंसकता दूर होती है।
इत्र की धारा चढ़ाने से काम सुख व भोग की वृद्धि होती है।
शहद के अभिषेक से टीबी रोग का नाश होता है।
गन्ने के रस से आनंद की प्राप्ति होती है।
गंगाजल से सर्वसुख व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
साथ ही पुष्प का भी उपयोग कर सकते हो बाबा को रिझाने के लिए
धतुरे के पुष्प शिव को अर्पित करने से पुत्र की प्राप्ति होती है।
आंकड़ें के फूल अर्पण करने से लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
बेला से सुंदर सुयोग्य पत्नी की प्राप्ति होती है।
एक लाख बिल्वपत्र से हर इच्छित वस्तु की प्राप्ति होती है
जपाकुसुम से शत्रु का नाश होता है।
हरसिंगार से सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है
आंक, अलसी ओर शमी पत्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शंखपुष्प से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
दुपहरियां के पुष्प से आभूषणों की प्राप्ति होती है।
तुलसी, चंपा और केवड़ा के पुष्प शिव पूजन में निषेध है।
सकलन कर्ता राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर राजस्थान
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