भगवान शिव को दूध की धारा से अभिषेक करने से मुर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है, घर की कलह शांत होती है।
जल की धारा से अभिषेक करने से विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
घृत यानी घी की धारा से अभिषेक करने से वंश का विस्तार, रोगों का नाश तथा नपुंसकता दूर होती है।
-इत्र की धारा चढ़ाने से काम सुख व भोग की वृद्धि होती है।
-शहद के अभिषेक से टीबी रोग का नाश होता है।
गन्ने के रस से आनंद की प्राप्ति होती है।
जल की धारा से अभिषेक करने से विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
घृत यानी घी की धारा से अभिषेक करने से वंश का विस्तार, रोगों का नाश तथा नपुंसकता दूर होती है।
-इत्र की धारा चढ़ाने से काम सुख व भोग की वृद्धि होती है।
-शहद के अभिषेक से टीबी रोग का नाश होता है।
गन्ने के रस से आनंद की प्राप्ति होती है।
-गंगाजल से सर्वसुख व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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