Friday, 26 July 2013

सरकार में बैठे बड़े बड़े नेता ,मंत्री और अफसर जो चाहे वो बोल देते हे क्योकि उनके पास सत्ता और पद का नशा हे कोई कह रहा हे की पांच से बारह रुपया में एक आदमी भरपेट भोजन कर सकता हे इस महंगाई में तो लगता नहीं हे एक कप चाय भी पूरी १५० ML नहीं आती ,ये नेता लोग तो आम जनता का खून चूसते हे तो इनको तो खाने की जरुरत ही नहीं पड़ती और इनके कुनबे के पास अथाह धन दौलत हे जिसका कोई हिसाब नहीं हे और इनके यहाँ सब सामान कैसे आता हे सब जानते हे इनके एक कार्य काल में ही ये लोग कितने करोडो के आसामी हो जाते हे वाही मेहनत करने वाला को दो जून की रोटी नसीब नहीं हे ,क्या करे भारत में सब कुछ जायज हे कारन बहुमत के कारन सर्कार चलती हे तो आज के समय में घोड़ो को घास नहीं वाही गधे पंजीरी खा रहे हे और डकार भी नहीं लेते

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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