Tuesday, 16 July 2013

केदार नाथ त्रासदी को एक महीना बीत गया,लेकिन जिनके रिश्तेदार और दोस्त या सगे सम्बन्धी नहीं आये उनकी क्या हालत हो रही होगी ,अब क्या करे ,क्या ना करे ,सब इश्वर का दिया करम दंड हे जो भोगना पड़ेगा

उतराखंड के सी ऍम  फरमा रहे हे की अब लापता लोगो को मुआवजा दिया जा रहा हे लाखो में ,साथ ही कह रहे हे की जो वापस आ जाये उनसे मुआवजा वापस लिया जायेंगा ,ये  बहुगुणा जी या तो सठिया गए या ......अरे भाई जिनका आदमी लापता हो गया या हादसे का शिकार हो गया वो तो पहले से ही लुट चुका पत्ता नहीं कितने लाखो तो बो लगा चुके होगे अपने परिजनों को देखने में .
हादसे के पीड़ित परिजन  बहुगुणा  जी को पैसे से तोल दे यदि ये महाशय इनके लापता लोगो को जिन्दा या  जिस भी हालत में ला दे क्योकि जिसके दर्द होता हे बो ही जनता हे परेशानी ,ये तो कुर्सी पर विराजमान हे और देल्ही या आला कमान के इशारे के आधार पर कुछ भी बक देते हे इनको ये नहीं मालूम की यदि इनके परिजनों के साथ हो तो क्या हो ,
सबसे बड़ी मुर्खता और देखो कह रहे हे की अब 3 0  सितम्बर से वापस तिन धाम की यात्रा चालू करवा रहे हे अरे जब तक आप बहा के हालत ,को नहीं ठीक करोंगे तब तक क्या होगा ,क्योकि वहा की रोड ,आवास ,मंदिर और जरुरत की चीजे तो करो ताकि लोकल आदमी तो सही रह सके और ऐसे कोई भी घटना से बचने के लिए पूरी तयारी होनी चाहिए वरना फिर हादसा ,लेकिन इन हादसों के कारन ही तो इन मंर्त्री ,अफसर और दलालों की जेब भरती हे और आम आदमी सलट  जाता  हे और भोगते हे उसके घर वाले

इन मंत्रियो और दलालों को थोड़ी बहुत भी शर्म हो तो पहले हादसे के लोगो को ढूंढे और जो भी हेल्प हो करे नाकि अपनी जेब भरे

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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