Sunday, 7 July 2013

bodh gaya

फिर शर्म की बात ,हमारे प्राचीन बोद्ध गया में सीरियल बुम्ब ब्लास्ट हुए और हमारी सुरक्षा धरी की धरी रह गयी ,सब लोग अब हादसा होने के बाद मुस्तेज नजर आ रहे हे जो नुक्सान होना था वो हो गया ,शुक्र हे की जान माल का नुक्सान कम हुआ ,केंद्र ,बिहार और सुरक्षा विभाग अब भाग रहा हे भारत के गृह मंत्री और बिहार के मुख्या मंत्री की शकल धेकने लायक हे इन को बिलकुल भी चिंता नहीं हे
भारत की केंद्र सरकार के तो कोई फरक नहीं पड़ता जबकि इनके कार्य काल में कितने ही आंतंकी हमले हो गए हां इनकी कुर्सी और सत्ता सलामत रहे चाहे देश कही भी जाये .
बिहार की सरकार को पहले से चेतावनी दे दी तो फिर लापरवाह क्यों .क्या आम जनता पर आंतक होने से इनकी कुर्सी बचती हे या ये ;लोग जान बुज कर ऐसे होने देते हे
यदि कोई भी सरकार चाहे तो हमारे उपर कोई भी हमला नहीं कर सकता  ये सब राजनीती का खेल हे
अब सब लोग एक दुश्रे पर हमले की जिम्मेदारी डालेंगे लेकिन कोई भी अपनी गलती स्वीकार नहीं करेंगा ,कारण सब की गलती हे
इनकी कुर्सी का मोह आम जनता झेलती हे अब तक कितने ही हमले हो गए भारत के मंदिरों में ,कोई खास इंतजाम नहीं अभी तक
सबसे बड़ी ताजुब की बात ये की हमारी सरकार इस इंतज़ार में हे की   हमले की जबाबदारी कोनसा संघटन लेता हे
अब सरकार को चाहिए की इन हमलो का मुह तोड़ जबाब देना चाहिए साथ में सुरक्षा के नाम पर आम जनता को परेशान ना करे
क्योकि सुरक्षा वाले जो नियम मानता हे उनको ज्यादा तकलीफ देते हे और इनके बड़े आका ही हमला करके फुर हो जाते हे

राम नरेश गुप्ता    विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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