पुजारी बोले, अशुभ घड़ी में पट खोलने से हुई तबाही, अब रोज पूजा नहीं हुई तो और होगा अनिष्ट!
इस तबाही का मूल कारण ज्योतिष और पुजारी अशुभ घड़ी को बता रहे हैं।
गौरतलब है केदारनाथ मंदिर के पट 6 महीने के अंतराल पर खोले जाते हैं। और बहुत ही शुभ ग्रह-नक्षत्र को देखकर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसलिए इतनी तबाही मची
यदि केदारनाथ मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना शुरू नहीं की तो इससे भी बड़ा अनिष्ट हो सकता है
भगवान भोलेनाथ जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उतनी ही जल्दी नाराज भी होतें हैं। इसलिए जितना जल्दी हो सके भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना शुरू कर दी जाए अन्यथा कुछ भी हो सकता है।
कि गंगोत्री तथा यमनोत्री धाम के कपाट मंदिर समिति ने अक्षय त़तीय पर खोलना सुनिश्चित किया, इसके लिए समय निकाला गया 13 मई को समय 2 बजकर 24 मिनट परन्तु यही चूक हो गयी, घड़ी के अंतर ने विधि के विधान में अपशकुन की घडी फिट करा दी।"आगे लिखा गया, "अक्षय त़तीया 12 मई को शुरू होकर 13 मई को 12 बजकर 42 मिनट पर खत्म हो रही है, तथा रोहणी नक्षत्र है, इस दौरान शानदार व विशेष संयोग है परन्तु यह अवसर चूक गये तो अनिष्टकारी योग है, 12 बजकर 24 मिनट के बाद रोहणी नक्षत्र खत्म हो रहा है तथा पित़्र पूजन का योग है जिसमें पवित्र कार्य निषेध है, देवताओं की पूजा न करने का योग है, जबकि मंदिर समिति यह अनिष्टकारी योग में कपाट खुलवा कर पूजा करवा रही है,
कमाई करने में जुटे वहां के पंडे
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