Friday, 9 August 2013

राजधानी जयपुर में कोई सुरक्षा या नियम नहीं हे आम इंसान के जीने के लिए ,सब तरफ मारा मारी चल रही हे ,सुरक्षीत  हे तो सिर्फ सर्कार  के नेता ,मंत्री ,अफसर या जो पॉवर फुल हे ,बाकि तो राम भरोसे गाड़ी चल रही हे ,जयपुर सिटी में सब तरफ बिजली के ट्रांसफार्मर  या मैन डी ,बी या बिजली के तार की कोई गार्ड सुरक्षा नहीं करता सब खुले में हे ,बारिश में इनमे पानी की वजेह से करंट आता हे कुछ लोग लालच में बिजली चोरी करने के चक्कर में खुला छोड़ देते हे इसमें बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल होते हे
आप किसी बिजली ऑफिस में जा कर कहो की बहा बिजली के तार या अन्य खुले हे या कोई एक्सीडेंट हो सकता हे कोई सुनता ही नहीं ,एक सीट से दुशरी  सीट पर घूमते रहो ,अब किस्से कहे रो धो कर घर वापस आ जाते हे ,
 यदि बिजली विभाग की गलती   के कारण यानि करंट या शोर्ट सर्किट या खुले मैन  बोर्ड की वजेह से कोई जान जाती हे तो उस एरिया का जो भी अफसर और कर्मचारी हो उस पर काम में लापरवाही बरतने के कारन उसे जेल साथ में जुरमाना देना पड़े तो आप पाएंगे की सब लोग मुस्तेज रह कर अपनी ड्यूटी देंगे और कम से कम दुर्घटना के अवसर होगे

इंजीनियर  राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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