Thursday, 12 September 2013

भाजपा में घमासान शीत युद्ध चल रहा हे ज्यादातर समर्थक मोदी के पक्ष में हे की ,इनके लीडरशिप में २०१४ का आम चुनाव लड़े  और यदि भाजपा बहुमत में आये तो मोदी देश के प्रधान  मंत्री बने ,लेकिन भाजपा का एक पुराना खेमा जिसका मतलब आडवाणी ,सुष्माजी और अन्य लोग हे ,
देश को ऐसे नेता चाहिए जो सबको प्रिय हो और कुछ काम भी करे ना की अपने और घर वालो की जायदाद बढाये ,
आपको याद दिल दू की इन आडवाणी जी के लीडरशिप में पिछला चुनाव लड़ा और भाजपा सता में नहीं आई ,कारन आडवाणी को लोग नहीं चाहते जबकि जब तक अटल जी थे भाजपा को कोई परेशानी नहीं थी लेकिन आम जन आडवाणी और इनकी टीम को नहीं चाहती ,कारण जो भो हो ,
अब समय की नजाकत को देकते हुए आडवाणी को राजनीती से ही संन्यास लेलेना चाहिए नहीं तो आज की युवा पीढ़ी इनको नकार देगी हमेशा के लिए ,
क्योकि आज के समय में भाजपा को कोई ज़िंदा रख सकता हे तो एक मात्र नेता मोदी। इसके पीछे का इतिहास ये हे की मोदी अकेले अपने दम पर गुजरात में सता पर काबिज हे जबकि मोदी के पीछे कांग्रेस ही नहीं बल्कि भाजपा वाले भी इनको सता में दुबारा नहीं चाहते थे लेकिन मोदी का करिश्मा देखो किस तरह से अपने दम पर सरकार चला रहे हे ,काबिलेतारीफ हे इनका होसला ,
नहीं तो क्या होगा आडवाणी का पता साफ और रो धो कर आडवाणी जी ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर सकते हे लेकिन बहा भी  प्रधान  मंत्री पद नहीं मिल सकता ,कारन गाँधी परिवार के सामने सब भीगी बिल्ली हे ,तो माननीय आडवाणी  को चाहिए की जो तुम करो ठीक में आराम फरमाता हु बाकि नहीं तो। …। समय का इंतज़ार करो और आडवाणी  भाजपा को जीरो पर ला ने की फिराक में रह सकते हे

राम नरेश गुप्ता विवेक विओहार सोडाला जयपुर 

No comments:

Post a Comment