Friday, 1 November 2013

राजनीती और महिलायो  का दूर दूर तक सम्बन्ध नहीं हे ,जब नेता ,मंत्री किसी भी कारन से राजनीती के लिए अयोग्य हो जाते हे तो क्योकि इनके मुँह खून लग जाता हे तो खून चूसने के लिए ये लोग अपने घर कि महिलायो ,बेटी या बहु को राजनीती में ला कर राजनीती का सुख भोगते हे ,
आज भी जहा जहा महिला पद पर हे जैसे कि सरपंच ,मेयर या मंत्री पद ,बहा भी इन महिलायो कि कम चलती हे और इनके पुरुष लोगो यानि बेटा ,पति या अनय कि पूरी दादा गिरी चलती हे महिला तो सिर्फ दस्तावेजो पर हस्ताक्षर करती हे क्योकि राजनीती में वर्चस्व पुरुषो का ही हे
भारतीय राजनीती में इतिहास उठा कर देख लो कि कितनी महिला सफल हुई हे मात्र दो चार को छोड़ कर ,इनमे सबसे ऊपर इंद्रा गांधी का नाम हे बाकि महिला सिर्फ रबर मोहर कि तरह हे जिनका उनके घर वाले दोहन करते हे और महिला अपाहिज कि तरह। ....

राम नरेश गुप्ता  २८६ विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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