मौसमी फल अमरूद खाने से कब्ज और एसिडिटी में फायदा होता है। अमरूद में कई तरह के गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं। इसमें विटामिन, फाइबर व मिनरल प्रचुर मात्रा में होता है।फाइबर होने की वजह से यह कब्ज दूर करता है। अमरूद में विटामिन सी की काफी मात्रा होती है। अत: इसके नियमित सेवन से जुकाम से बचाव होता है।
शरीर के लिए टमाटर बहुत ही लाभकारी होता है। इससे कई रोगों का निदान होता है।टमाटर शरीर से, विशेषकर गुर्दे से रोग के जीवाणुओं को निकालता है। इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस व विटामिन-सी पाए जाते हैं।एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। दरअसल, टमाटर स्वाद में खट्टा है, लेकिन ये शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ाता है। इसीलिए इसके नियमित सेवन से एसिडिटी नहीं बढ़ती है।
संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मौजूद फ्रक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं।संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है। संतरे के नियमित सेवन से एसिडिटी खत्म हो जाती है।
पपीता अत्यंत गुणकारी एवं सर्वसुलभ फलों में से एक है। इससे निकलने वाला रस अपने वजन से 100 गुना प्रोटीन बहुत जल्द पचा देता है।इससे आमाशय तथा आंत संबंधी विकारों में बहुत लाभ मिलता है।पपीता कब्ज, गैस, एसिडिटी व कफ जैसे रोगों में लाभकारी होता है।
- मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद है।मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए। यह पेट के रोगों में आराम दिलवाता है। खाली पेट जामुन खाने से गैस व एसिडिटी की समस्या खत्म हो जाती है।देर तक भूखे रहना, फास्ट फूड खाना, अनियमित दिनचर्या एसिडिटी के कुछ प्रमुख कारण हैं।
शरीर के लिए टमाटर बहुत ही लाभकारी होता है। इससे कई रोगों का निदान होता है।टमाटर शरीर से, विशेषकर गुर्दे से रोग के जीवाणुओं को निकालता है। इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस व विटामिन-सी पाए जाते हैं।एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। दरअसल, टमाटर स्वाद में खट्टा है, लेकिन ये शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ाता है। इसीलिए इसके नियमित सेवन से एसिडिटी नहीं बढ़ती है।
संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मौजूद फ्रक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं।संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है। संतरे के नियमित सेवन से एसिडिटी खत्म हो जाती है।
पपीता अत्यंत गुणकारी एवं सर्वसुलभ फलों में से एक है। इससे निकलने वाला रस अपने वजन से 100 गुना प्रोटीन बहुत जल्द पचा देता है।इससे आमाशय तथा आंत संबंधी विकारों में बहुत लाभ मिलता है।पपीता कब्ज, गैस, एसिडिटी व कफ जैसे रोगों में लाभकारी होता है।
- मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद है।मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए। यह पेट के रोगों में आराम दिलवाता है। खाली पेट जामुन खाने से गैस व एसिडिटी की समस्या खत्म हो जाती है।देर तक भूखे रहना, फास्ट फूड खाना, अनियमित दिनचर्या एसिडिटी के कुछ प्रमुख कारण हैं।
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