Sunday, 19 January 2014

आज सुबह एक्टिवा स्लिप हो गया मेरा ,कारन रास्ते में हलवाई कि दूकान के सामने चीकट ,ऑयली लिक्विड फेला हुआ था ,मेरी स्पीड कम थी फिर भी हवा में लगभग कुछ सेकंड चकरी कि तरह घु मता  रहा और लगा कि जो हुआ बो ठीक।
खड़ा हुआ देखा तो दाये पैर में खरोंच यानि कुछ छिल गया बाकि सब ठीक ,एक्टिवा को किसी ने उठाया और घर आ गया और डॉक्टर के पास गया और दवा ,इंजेक्शन लगा कर आया

अब कोई इसे कुछ भी कहे ,दुया या बददुया ,ये तो जीवन में चलता रहता हे तभी तो कहते हे कि काया और माया का कोई भरोसा नहीं ,कब क्या हो जाये ,

THANK GOD 

No comments:

Post a Comment