चिकित्सक किसी समय में रोगी और उसके परिवार के लिए भगवन का रूप होता था लेकिन आज चिकित्सक यमराज से कम नहीं ,बस रोगी के आते ही उसकी जेब के साथ परिवार वालो को भी काटता हे ,यदि कोई बात नहीं माने तो हड़ताल पर जाने कि धमकी और बेशर्म चिकित्सक चले भी जाते हे चाहे कोई मरे या जिए ,
सरकार खुद पंगु हे क्योकि सब बीके हुए हे परेशान तो आम इंसान ही होता हे ,मंत्री ,अफसर और बिज़नेस वालो के कोई फर्क नहीं पड़ता ,
चिकित्सक अपनी मेहनत से तो बनते नहीं ,या तो पेपर चोरी करके ,या डोनेशन से या बाप कि हराम या पॉवर से तो इसमें बहुत धन खर्च होता हे उसको निकलने के लिए ये लोग रोगी को धन देने वाली मुर्गी समझते हे और चिकित्सक कि लापरवाही से जान भी चली जाती हे बस इसके विरोध में ये लोग हड़ताल पर ,
क्यों न सरकार को हड़ताली चिकित्सक को तुरंत बर्खास्त करके इनकी जगह नए चिकित्सक लेले और हड़ताली चिकित्सक को कभी सरकारी नोकरी में ना ले। अक्ल ठिकाने आ जाये कि हड़ता;ल क्या होती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
सरकार खुद पंगु हे क्योकि सब बीके हुए हे परेशान तो आम इंसान ही होता हे ,मंत्री ,अफसर और बिज़नेस वालो के कोई फर्क नहीं पड़ता ,
चिकित्सक अपनी मेहनत से तो बनते नहीं ,या तो पेपर चोरी करके ,या डोनेशन से या बाप कि हराम या पॉवर से तो इसमें बहुत धन खर्च होता हे उसको निकलने के लिए ये लोग रोगी को धन देने वाली मुर्गी समझते हे और चिकित्सक कि लापरवाही से जान भी चली जाती हे बस इसके विरोध में ये लोग हड़ताल पर ,
क्यों न सरकार को हड़ताली चिकित्सक को तुरंत बर्खास्त करके इनकी जगह नए चिकित्सक लेले और हड़ताली चिकित्सक को कभी सरकारी नोकरी में ना ले। अक्ल ठिकाने आ जाये कि हड़ता;ल क्या होती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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