स्कूलों की मनमानी नेताओ और अफसरों के कारन होती हे ये लोग इन स्कूलों से जुड़े होते हे या यु कह लो की इनकी हिस्सेदारी होती हे आज कल कोर्ट आदेश तो दे देती हे की ये करो ,वो करो ,लेकिन पालना कोई नहीं करता ,सब जगह दलाली जो चलती हे पेरेंट्स को भी चाहिए की जो स्कूल ज्यादा फीस या अन्य परेशानी करता हो बहा से सब पेरेंट्स को अपने बच्चे निकाल कर दुशरे या सरकारी स्कूल में डाल दे क्योकि एक तरफ तो आप स्कूल प्रशासन की बुराई कर रहे ,बही बच्चे पढ़ रहे हे जो की संभव नहीं हे ,
जब सब बच्चे निकल जायंगे तो स्कूल वालो की अक़्ल ठिकाने आ सकती हे बाकि स्कूल वाले भी संभल सकते हे लेकिन इसके लिए पेरेंट्स की कथनी और करनी समान होनी चाहिए बरना रोते रहो ,चिल्लाते रहो ,कोई सुनने वाला नहीं हे संघटन में शक्ति हे
इंजीनियर राम नरेश गुप्ता २८६ विवेक विहार सोडाला जयपुर
जब सब बच्चे निकल जायंगे तो स्कूल वालो की अक़्ल ठिकाने आ सकती हे बाकि स्कूल वाले भी संभल सकते हे लेकिन इसके लिए पेरेंट्स की कथनी और करनी समान होनी चाहिए बरना रोते रहो ,चिल्लाते रहो ,कोई सुनने वाला नहीं हे संघटन में शक्ति हे
इंजीनियर राम नरेश गुप्ता २८६ विवेक विहार सोडाला जयपुर
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