चुनाव आयोग एक तरह से रबर स्टाम्प या मूक दर्शक बन कर तमाशा देखता हे चुनावो के समय नेता एक दुशरे पर आरोप प्रत्यारोप और गंदे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हे जो मन में आ जाता हे वो बक देते हे और कुछ घंटो के बाद माफ़ी मांग लेते हे ,ये कैसे चुनाव ,अपनी मर्यादा तक भूल गए ,अब जितने भी नेता हे बो बच्चे तो हे नहीं की मारपीट कर बैठा दे या डाट दे ,थोड़ी शर्म करो ,देश के बदनाम नेताओ ,
अब किसी भी पार्टी का कोई भी नेता देख लो ,उनमे कोई ना कोई लोचा यानि कमी होगी फिर क्यों दुशरो पर पत्थर मारा जाये ,
चुनाव आयोग को चाहिए की जो भी नेता बदजुबानी करे तुरंत सजा दे और प्रचार में उस नेता को पूरी तरह से बेन कर दे ,लेकिन चुनाव आयोग के बस की बात नहीं ,कारन सरकारी भीख से ही तो इतने बड़े पद पर आसीन हुए हे
चुनाव आयोग नेताओ की सम्पति की जांच करवाये की कहा से आई और कैसे बढ़ी ,ये नहीं की मात्र फॉर्मेलिटी करके छोड़ दे
चुनाव आयोग को चाहये की नेताओ द्वारा बैक डोर से अनाप शनाप धन खर्च करते हे उसका भी ध्यान रखे नहीं तो वोई दिन दूर नहीं जब देश में कोई क्रांति हो जाये और नेता जेल में या। ……………
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
अब किसी भी पार्टी का कोई भी नेता देख लो ,उनमे कोई ना कोई लोचा यानि कमी होगी फिर क्यों दुशरो पर पत्थर मारा जाये ,
चुनाव आयोग को चाहिए की जो भी नेता बदजुबानी करे तुरंत सजा दे और प्रचार में उस नेता को पूरी तरह से बेन कर दे ,लेकिन चुनाव आयोग के बस की बात नहीं ,कारन सरकारी भीख से ही तो इतने बड़े पद पर आसीन हुए हे
चुनाव आयोग नेताओ की सम्पति की जांच करवाये की कहा से आई और कैसे बढ़ी ,ये नहीं की मात्र फॉर्मेलिटी करके छोड़ दे
चुनाव आयोग को चाहये की नेताओ द्वारा बैक डोर से अनाप शनाप धन खर्च करते हे उसका भी ध्यान रखे नहीं तो वोई दिन दूर नहीं जब देश में कोई क्रांति हो जाये और नेता जेल में या। ……………
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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