आज कल स्कूल मे क्या हो रहा हे थोड़ी सी गर्मी ,सर्दी या बारिष हो जाये तो तुरन्त कलेक्टर बच्चोँ कि पढाई का समय घटा देते हेस्कूल वालो के ठाट हो जाते हे कम पढ़ाना पडेगा ओर फ़ीस तो पुरी लेंगेः ,इसमें कोई रियायत नहि
अब आपको बता दु कि अस्सी के दशक मे भी सर्दी ,गर्मी य बारिष होति थीं तब शायद ऐसे छुटटी नहि होती थी ,आज तो मॉडर्न समय मे हर सुविधा हे उस समय तो हालात बहुत ख़राब थे ओर आज कि तरह सबकेँ पास धन नहि होता थ बहुत टिपिकलट समय था उस समय त्योंहारों पर छुट्टी होती थी तब थोक भव से होम वर्क दे देते थे
आज की पढाई का क्या कोई स्टैण्डर्ड हे ,बिना मेहनत किये किसी भि कॉलेज मे एडमिशन ले लो गलि गलि मे इंजिनीरिंग ,नर्सिंग ओर अन्य सोल्लेगे खुले हुये हे आज कल तो मात्र पास हो जो ओर जहा चाओ बह एडमिशन ले लो ,बस होना चाहिए धन ओर दलाल ,क्योकि बिना दालाल के कोई आप्को हेल्प नहि करंगा ,सारकार ओर स्कूल वालोँ को चाहिये कि बच्चों क धयान रखती हुये छुटटी या अन्य निर्णय चहिये साथ मे उनकी पढ़ाई का नुक्सान ना होने पाएं
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
अब आपको बता दु कि अस्सी के दशक मे भी सर्दी ,गर्मी य बारिष होति थीं तब शायद ऐसे छुटटी नहि होती थी ,आज तो मॉडर्न समय मे हर सुविधा हे उस समय तो हालात बहुत ख़राब थे ओर आज कि तरह सबकेँ पास धन नहि होता थ बहुत टिपिकलट समय था उस समय त्योंहारों पर छुट्टी होती थी तब थोक भव से होम वर्क दे देते थे
आज की पढाई का क्या कोई स्टैण्डर्ड हे ,बिना मेहनत किये किसी भि कॉलेज मे एडमिशन ले लो गलि गलि मे इंजिनीरिंग ,नर्सिंग ओर अन्य सोल्लेगे खुले हुये हे आज कल तो मात्र पास हो जो ओर जहा चाओ बह एडमिशन ले लो ,बस होना चाहिए धन ओर दलाल ,क्योकि बिना दालाल के कोई आप्को हेल्प नहि करंगा ,सारकार ओर स्कूल वालोँ को चाहिये कि बच्चों क धयान रखती हुये छुटटी या अन्य निर्णय चहिये साथ मे उनकी पढ़ाई का नुक्सान ना होने पाएं
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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