Friday, 25 July 2014

 आज के समय में प्रतियोगिता परीक्षा की कोई अहमियत नहीं रह गयी है मात्र दुनिया को बताने के लिए की सरकार ,या आयोग ने जो भी भर्ती की हे पारदर्शिता  से की हे जबकि पूरा काम पहले से ही हो जाता हे किस का चयन होना हे और किस का नहीं ,इस गोरख धन्धे में ऊपर से लेकर निचे तक का स्टाफ साथ में मंत्री ,अफसर और नेता शामिल होते हे 
 प्रतियोगिता परीक्षा तो मात्र औपचारिकता नाम की हो गयी ,आपका कोई भी आदमी नौकरी के  योग्य हो गया बस आयोग में जाओ ,डीलिंग करो और कुछ महीनो में सरे आम जनता की आँखों में धुल झोककर सरकारी पद पर आसीन हो कर। देश को लूटने में लग जाते हे 
इस चककर में आम जनता अपने भाग्यभाग्य को कोसती रहती हे जबकि माजरा और ही कुछ होता हे 

अब किसको शिकायत करे सब। ............................... चोर लुटेरे डाकू हे 

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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