स्कूलों में योन शिक्षा की तो छोड़ो ,पहले आप बच्चो को औपचारिक शिक्षा यानि पढ़ना ,लिखना और संस्कार तो दो ,ये बाद की बात हे ,भारत में सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों के टीचर की हालात दयनीय ,उनको खुद को ही पढ़ाना नहीं आता ,,तरह से सेवा में आ जाते हे ,बच्चो और टीचर की ऐज में अन्तर होने के कारण बच्चे टीचर से डरते हे बस टीचर इसी कारण से लापरवाह हो जाते हे
आज के समय का डिग्री धारी स्टूडेंट कही का नहीं हे ना तो ढंग से पढ़ा ,ना ही कोई काम कर सकता हे तो क्या , चोरी चपाटी ,फिर जेल में ,
अब योन शिक्षा तो जरुरी हे लेकिन घर में ही बच्चो को डाट देते हे तो बेचारा बच्चा ,समय के साथ सिख जाता हे
सरकार में बैठे मंत्रियो को बोलते समय में थोड़ा सयम रखना चाहिए और समाज को सही सन्देश देना चाहिए
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
आज के समय का डिग्री धारी स्टूडेंट कही का नहीं हे ना तो ढंग से पढ़ा ,ना ही कोई काम कर सकता हे तो क्या , चोरी चपाटी ,फिर जेल में ,
अब योन शिक्षा तो जरुरी हे लेकिन घर में ही बच्चो को डाट देते हे तो बेचारा बच्चा ,समय के साथ सिख जाता हे
सरकार में बैठे मंत्रियो को बोलते समय में थोड़ा सयम रखना चाहिए और समाज को सही सन्देश देना चाहिए
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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