आंतक वाद की समस्या आज से नहीं बल्कि प्राचीन समय से चली आ रही हे जब सत्तारूढ़ दल किसी का कोई काम नहीं करते तो पीड़ित लोग या उसी दल के नेता इनको शार्ट कट रास्ता यानि गलत तरीके से यानि हिंसा ,मारपीठ ,ह्त्या और आम जनता में दहसत फैलाना ,
इसके द्वारा ये लोग अपनी मांग बनवाते हे और नहीं मानो तो समाज में दंगे फसाद करवाते हे
आंतक वाद की समस्या पैदा ही नहीं हो उसके लिए समय समय पर जनता के काम करते रहो और अमन शांति की अपील करते रहो ,
फिर भी कोई नहीं माने तो तुरंत प्रभाव से कड़ी सजा यानि फांसी ,तो आप पायंगे की समस्या कुछ हद तक खत्म हो सकती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
इसके द्वारा ये लोग अपनी मांग बनवाते हे और नहीं मानो तो समाज में दंगे फसाद करवाते हे
आंतक वाद की समस्या पैदा ही नहीं हो उसके लिए समय समय पर जनता के काम करते रहो और अमन शांति की अपील करते रहो ,
फिर भी कोई नहीं माने तो तुरंत प्रभाव से कड़ी सजा यानि फांसी ,तो आप पायंगे की समस्या कुछ हद तक खत्म हो सकती हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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