आज की इस महंगाई में दो समयकी रोटी का जुगाड़ नहीं होता और ये बड़े बड़े सेठ और धर्म के ठेकेदार लाखो करोडो खर्च कर देते हे किसी भी धार्मिक आयोजन पर तो ये धन कहा से आता हे ,
मेहनत का हे या काला धन हे ,क्योकि इस कलयुग में बिना लालच के कौन क्या कर सकता हे। ...................
मेहनत का हे या काला धन हे ,क्योकि इस कलयुग में बिना लालच के कौन क्या कर सकता हे। ...................
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