Thursday, 25 September 2014

  आज की इस महंगाई में दो समयकी रोटी का जुगाड़ नहीं  होता और ये बड़े बड़े सेठ और धर्म के ठेकेदार लाखो करोडो खर्च कर देते हे किसी भी धार्मिक आयोजन पर तो ये धन कहा से आता हे ,

मेहनत का हे  या काला धन हे ,क्योकि इस कलयुग में बिना लालच के कौन क्या कर सकता हे। ................... 

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