समाज के ठेकेदारो की मानसिक दशा। …।
जैसे ही कोई इंसान उच्च पद ,मंत्री या किसी खेल में पदक जीत जाए या किसी भी तरह की सेलेब्रटी बन जाए तो ये समाज के लोग उसको भी भुनाने में लगे रहते हे
तुरंत मान ,सम्मान या अभिनन्दन समारोह कर देते हे इसमें देर नहीं करते ,नहीं तो इनको। …………। लक्ष्मी के दर्शन नहीं होते।
जब इंसान स्ट्रगल पर होता हे घर वाले भी साथ छोड़ देते हे तो समाज की संस्था कहा से हेल्प करती होगी
THINK AND FEEL WHATS RIGHT OR WRONG
जैसे ही कोई इंसान उच्च पद ,मंत्री या किसी खेल में पदक जीत जाए या किसी भी तरह की सेलेब्रटी बन जाए तो ये समाज के लोग उसको भी भुनाने में लगे रहते हे
तुरंत मान ,सम्मान या अभिनन्दन समारोह कर देते हे इसमें देर नहीं करते ,नहीं तो इनको। …………। लक्ष्मी के दर्शन नहीं होते।
जब इंसान स्ट्रगल पर होता हे घर वाले भी साथ छोड़ देते हे तो समाज की संस्था कहा से हेल्प करती होगी
THINK AND FEEL WHATS RIGHT OR WRONG
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