पुलिस की छवि कैसी हे सब जानते हे पेपर वादी और हकीकत में और कुछ ,पुलिस वाले सिर्फ पैसे कमाने में ही लगे रहते हे झूट को सत्य ,और सत्य को झूट करने में लगे रहते हे। आम इंसान तो पुलिस के नाम से ही डरता हे पुलिस के बड़े अफसर मंत्री और बिज़नेस मेन की चक्री में लगे रहते हे पुलिस का ही अच्छे अच्छे डरने लग जाते हे कारण सभी जानते हे ,
पुलिस स्टाफ का बिहेवियर और चाल चलन कितना खराब हे लेकिन किसको शिखायत करे कोई सुनने वाला नहीं हे कलयुग में सब चल रहा हे और वो भी खुले आम बिना रोक टॉक के ,
अपराधी और अन्य पुलिस वालो से मिले रहते हे इस कारण से खुले आम अपराध होते हे और बेखौफ घूमते रहते हे
इस देश की पुलिस वालो का तो भगवन भी कुछ नहीं कर सकते तो आम इंसान तो चुपचाप रहने में भलाई समझता हे पुलिस का स्लोगन सब को मालूम हे
आम इंसान में विश्वास ,और अपराधियो में भय ,लेकिन पुलिस वाले इसका उलटा करते हे कौन पुलिस से डरेंगा
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
पुलिस स्टाफ का बिहेवियर और चाल चलन कितना खराब हे लेकिन किसको शिखायत करे कोई सुनने वाला नहीं हे कलयुग में सब चल रहा हे और वो भी खुले आम बिना रोक टॉक के ,
अपराधी और अन्य पुलिस वालो से मिले रहते हे इस कारण से खुले आम अपराध होते हे और बेखौफ घूमते रहते हे
इस देश की पुलिस वालो का तो भगवन भी कुछ नहीं कर सकते तो आम इंसान तो चुपचाप रहने में भलाई समझता हे पुलिस का स्लोगन सब को मालूम हे
आम इंसान में विश्वास ,और अपराधियो में भय ,लेकिन पुलिस वाले इसका उलटा करते हे कौन पुलिस से डरेंगा
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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