Friday, 14 November 2014

 रैगिंग का मतलब सिम्पली परिचय करना होता हे ना की प्रताड़ित करना ,कॉलेज में दूर दूर से छात्र पढ़ने आते हे ,तो सीनियर छात्र चाहते हे की जूनियर छात्र उनका मान सम्मान करे और उनको घर की याद ना सताए ,लेकिन कभी कभी रैंगिंग में दोनों तरफ से गलती की वजह से जान भी चली जाती हे
जिस छात्र की रैंगिंग हो जाती हे वो खुल जाता हे और सब उसकी मदद को तैयार रहते हे ,जब आप किसी को जानते ही नहीं तो क्या हेल्प करोंगे और सामने वाला भी नहीं करंगा कारन की इतने समय से पढ़ रहा हे और आज तक मिलने भी नहीं आया इसलिए कोई चिंता की बात नहीं बस दोनों यानि पुराने और नए छात्रों को समझना होगा और सब सही होगा

राम, नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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