Friday, 2 January 2015

निजी विश्व विद्यालय और उच्च शिक्षा आज के समय में पैसे कमाने का साधन हे ऊँची दुकाने और फीके पकवान की तरह हे ,किसी प्रकार से यानि ले दे कर निजी क्षेत्र में शिक्षा के केंद्र खोलकर बच्चो को लूटना होता हे। इस गोरख धंधे में अफसर ,मंत्री और नेता साथ में बिज़नेस मेन तक शामिल हे
इस टाइप के केंद्र धन के लालच में कैसे भी डिग्री दे सकते हे और आम गरीब इंसान का बच्चा फस जाता हे

पिछले बीस सालो से ऐसे केंद्र गली गली और सिटी में मिल जायंगे और सबको लूट रहे हे इनको रोकने के लिए कोई कानून नहीं हे बल्कि पैसे के दम पर सब को खरीद लेते हे और इनकी दूकान दारी दिन दहाड़े चल रही हे


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