Friday, 10 April 2015

निजी स्कूलों की मनमानी नहीं रूक सकती ,कारन इनके पीछे पूरी ताकत होती हे मंत्री ,अफसर ,नेता और पूंजी पतियों की ,इनके बच्चे पढ़ते हे साथ में इनको स्कूल वाले दान दक्षिणा यानि उपहार ,गिफ्ट दिए जाते हे ,सरकार में इन लोगो का ही बोलवाला हे तो इन निजी स्कूल वालो को कोन  रोक सकता इनकी मर्जी से ,
आम इंसान भी चाहता की इनके बच्चे निजी स्कूल में पढ़े ,लेकिन कैसे फीस और आये दिन के खर्चे बहुत ज्यादा होते हे  फिर घर में भी हाई कल्चर होना चाहिए जो संभव नहीं हे
कभी कभी निजी स्कूल वाले किसी को गिफ्ट नहीं दे पाते  तो बो लोग पंगा करवाते हे बाकि लेना देना कुछ नहीं ,जयपुर सिटी में कितने ही निजी स्कूल हे जो की सरकार के मंत्री और अफसरों की नहीं सुनते एडमिशन में ,कहते हे की जब सेवा कर दी तो फिर दादागिरी किस बात की ,हमारी सेटिंग दिल्ली बड़े लोगो से हे तो सब ले दे कर लगे रहते हे उसमे भी जिसकी चल जाए ठीक। ………
आम इंसान नहीं पढ़ा सकता ऐसे स्कूलों में ,कारन कल्चर और धन की माया  जो हे

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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