Friday, 22 May 2015

फिर सरकारी स्कूलों का रोना ,की कोई भी मेरिट नहीं आई।

सरकारी स्कूलों में पढ़ाने  वाले कोनसे मेरिट होल्डर हे ?

ले दे कर शार्ट तरीके से मास्टर की नौकरी ले ली

उसमे से भी आधी से ज्यादा महिलाये टीचर
बेचारी नौकरी करे ,बच्चे पाले या घर संभाले
समय मिले तो बच्चो को पढ़ाये ना
क्या पूरी दाल ही काली हे
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो में से कितने मंत्री ,नेता ,अफसर और तो और इन टीचरो के बच्चे ही नहीं पढ़ते
तो ध्यान कौन  दे बस
एक ही चिंता की महीना कब पूरा हो और हाथ में पगार आये

बहुत से टीचर तो स्कूल ही नहीं जाते बल्कि अफसरों की सेवा में यानि अर्दली का काम करते  हे

पूरा सिस्टम ही खराब हे 

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