ऑपरेशन से प्रसव आज कल सामान्य हो गया हे घर वाले चाहते हे की जन्म लेने वाला बच्चा सही समय और अच्छे मुहुर्त में दुनिया में आये ताकि उनका भाग्य बदले ,वही हॉस्पिटल प्रशासन चाहता हे की उनके हॉस्पिटल का खर्चा साथ में मुनाफ़ा भी हो ,बिना ऑपरेशन के संभव नहीं हे क्योकि सामान्य डिलीवरी कुछ रुपए में हो जाती हे बही ऑपरेशन वाली पैकेज के रूप में हजारो और कभी कभी तो लाखो में भी चली जाती हे
घर वाले भी खुश और हॉस्पिटल वाले भी खुश। लेकिन इस चक्कर में जच्चा पीस जाती हे और जीवन भर परेशान रहती हे
आज के समय की महिला हाई टेक और दवा पर निर्भर हो गयी हे जिससे काम करने में जोर आता हे जबकि पुराने समय में महिला अपने जीवन में दस, बारह बार प्रसव करवाती थी बिना ऑपरेशन के और खूब काम करती थी
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
घर वाले भी खुश और हॉस्पिटल वाले भी खुश। लेकिन इस चक्कर में जच्चा पीस जाती हे और जीवन भर परेशान रहती हे
आज के समय की महिला हाई टेक और दवा पर निर्भर हो गयी हे जिससे काम करने में जोर आता हे जबकि पुराने समय में महिला अपने जीवन में दस, बारह बार प्रसव करवाती थी बिना ऑपरेशन के और खूब काम करती थी
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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