Wednesday, 22 July 2015

छात्र संघ चुनाव एक तरह से औपचारिकता मात्र रह गयी हे इन चुनावो पर सीधे रूप से राजनितिक पार्टियो का राज  चल रहा हे ये पार्टी वाले युथ को चुनावो के लालच में कोई भी काम करवा लेते हे पीछे से पूरा सपोर्ट रहता हे
नाम छात्र संघ चुनाव हे लेकिन इनका छात्रों से दूर दूर का कोई सम्बन्ध नहीं होता हे बस किसी तरह से राजनीती में आ जाए उसके लिए भीड़ का जुगाड़ ये छात्र नेता करते हे और अपनी रोटी पकाते हे
हां इन चुनावो में हिंसा का प्रयोग खुले आम होता हे और क्या करे क्या ना करे /................

राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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