Friday, 31 July 2015

संसद और सांसदों की जिम्मेदारी सीधे रूप से जनता के लिए होती हे लेकिन जितने के बाद ये जाती जनता से दूर हो जाती हे और पांच साल या जब तक मेम्बर होते हे तब तक सरकारी सुविधाओं का दुरपयोग करते हे और जनता के काम की जगह ,खुद के कुनबे  ओर सात पीढ़ियों के लिए धन जमा करते हे ये सांसद लोग अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर  सकते हे और देश को रसातल में ले जा कर दम लेंगे ,क्योकि आम जनता जिन्होंने चुना उन्ही के लिए लापरवाह हो  जाते हे आप इतिहास उठा कर देख लो जिसंवे भी जनता के साथ दगा दिया ,उसी जनता ने उसको हरा कर बदला ले लिया


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