Wednesday, 4 November 2015

छाबड़ा साहेब से मुलाकात हुई ४ अक्टूबर को ,जब बोले  अब तो जब तक जान हे तब तक ये धरना चलेंगा ,क्योकि कोई भी सरकार पूरा साथ नहीं देती ,पहले भी आश्वासन दिया लेकिन कितने ही दिन बित  गएकोई रिप्लाई तक नहीं आया इस निकम्मी सरकार से।
छाबड़ा   साहेब बोले साथ में ढाई गज का दुपटा रखता हु ,देह भी दान कर रखी हे अब तो जब तक जान यानि प्राण हे तब तक ये सिलसिला चलता रहेंगा। । बोले आप लोग तो लिखते रहो ताकि आम जान तक ये भावना रहे और कभी ना कभी तो शराब बंदी हो कर रहेंगी। 

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