Monday, 11 January 2016

बस की कैपेसिटी बावन सीट की हे और आप उसमे दुगुने से भी ज्यादा सवारी ढो रहे हो ,ड्राइवर साहेब बार बार मोबाइल देख रहे हे या जर्दा या बात चित  में मशगूल हे और ये हाल अमूमन हर रूट पर मिलेंगा ,
क्योकि एक्सीडेंट तो कभी कभी होते हे राज्य सरकार ने कितने ही अफसर ,परिवहन इंस्पेक्टर और अन्य लगा रखे हे लेकिन सब रिश्वत खा कर सो जाते हे
आम इंसान सरक जाता हे सरकार के मंत्री कुछ हज़ार भीख के रूप में दे जाते हे मृतक और घायल के परिजनों को ,जैसे की अपनी जेब से दे रहे हे ,घोषणा जरूर कर जाते हे लेकिन रुपए मिलने में हे भगवान ,?
अब सरकार ने इस गाड़ी के ड्राइवर और कंडक्टर को निलंबित कर दिया ,क्या जो मर गए वापस आ सकते हे ?
बस ये एक्सीडेंट तो सरकार के अफसर और मंत्रियो के लिए तो खजाना ले आया

यदि समय समय पर सही तरह से बस और व्हीकल चेक हो और जो नियम से ना चले तो जुर्माना या जेल या दोनों ,लेकिन कड़ाई से नियम पालन हो ,तभी कुछ सुधर आ सकता हे वरना समय समय पर आम इंसानो की आहुति लगती रहेंगी ?
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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