जिनके पास हराम की कमाई आ रही हे
वो वैसे मर रहे हे पैसे का यूज़ नहीं कर रहे हे
और जिनके पास पैसे नहीं हे वो बदहाली में मर रहे हे
वाह रे पसे ,,,,,,,,,,,,,,तेरी मया निराली
वो वैसे मर रहे हे पैसे का यूज़ नहीं कर रहे हे
और जिनके पास पैसे नहीं हे वो बदहाली में मर रहे हे
वाह रे पसे ,,,,,,,,,,,,,,तेरी मया निराली
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