वेलान्तिने डे और हमारी संस्कृति का दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं हे ,ये तो आज के हाई टेक समय की मांग हे इस कारन कंपनी और इवेंट वाले लोगो का शोसन करते हे ,प्यार मन और आत्मा से होता हे न की गुलाब का फूल देने से .सब किसी न किसी तरह से पार्टी करने का मजे लेते हे हा जिसको प्यार हे या होता हे उसके लिए तो रोज ही वेलान्तिने डे हे .ये तो कुछ सिरफिरे लोगो का काम हे की इस दिन सब के सामने मजाक करेंगे या इस बहाने कोई पार्टी का आनंद लेंगे .इस दिन और कुछ नहीं तो फूल वाले ,ग्रीटिंग्स कार्ड ,गिफ्ट और होटल वाले जबरदस्त कमाई कर जाते हे ,और होना जाना कुछ नहीं ,हम भारत देश में रहते हे लेकिन पूरी तरह से भारतीय संकृति को नहीं छोड़ पाए और नए के चक्कर में उल्टा सुलटा करते रहते हे
राम नरेश गुप्ता २८६ विवेक विहार सोडाला जयपुर
No comments:
Post a Comment