सरकार में पिछले कुछ सालो से अधिकारी बड़ते जा रहे हे और कर्मचारी कम होते जा रहे हे जबकि कम स्टाफ होने के बाबजूद ज्यादा काम होता हे कारन छोटे और कर्मचारी तबके का शोषण हो रहा हे जबकि अफसर क्या काम करता हे लेट आते हे जल्दी चले जाते हे और सरकारी गाड़ी , टेलीफ़ोन अन्य सरकारी स्टाफ का अपने persional उपयोग में लाते हे जबकि सरकारी काम हो या नहीं उनको अपने स्वार्थ की ज्यादा लगी रहती हे अधिकारी का वेतन भी कर्मचारी से ज्यादा हे ,सरकार घाटे को कम करने के लिए lower स्टाफ की कटौती करके बचाती हे बही अपने आदमी को अफसर बनाने के लिए नियम तक बदल देती हे उसमे कितना ही नुकसान क्यों न हो ,क्या करे किस के पास जाये सब के सब सोये पड़े हे हा ,जिस दिन बददुआ लग गयी सब बेडा पार हे क्योकि गरीब की कोई नहीं सुनता ,
राम नरेश गुप्ता २८६ विवेक विहार सोडाला जयपुर
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