Monday, 27 May 2013

चुनावी समय नजदीक आते ही ये पार्टी वाले की जनता के कितने पास हे और हमदर्द हे अपनी अपनी यात्रा निकालते हे और पुरे एरिया का जायजा लेते हे की इस बार जितने का क्या चांस हे ,इसमें इन नेताओ की तो पिकनिक बन जाती हे और मीडिया में छाये रहते हे और स्थानीय कार्यकर्ता इस फ़िराक में रहते हे की चलो इस बहाने राजनीती में तो आने का मौका मिला उसके लिए ये लोग अपनी जेब दीली करते हे मिलता जुलता कुछ नहीं ,कारन बड़े नेता इनको आस पास फटकने ही नहीं देते ,काम करवाया .भीड़ इकठी करना और कई काम ,बाद में इन को भूल जाते हे और आगे बढ जाते हे

हाल ही में नाक्साली ने कांग्रेस पार्टी के कई नेताओ को मार दिया ये कोई आज की दुश्मनी थोड़े ही होगी  कोई ना कोई बदला लिया होगा कारण जिस तरह से इन दरिंदो ने लाश के साथ किया ,शायद जानवर भी नहीं करते होगे तो क्यों ना सभी पार्टी वाले अपने मतभेद भुला कर इन लोगो से लदे और इनका खात्मा करे नहीं तो कोई भी सुरक्षित नहीं हे

राम नरेश गुप्ता 286       विवेक विहार सोडाला जयपुर 

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