जयपुर में पेरेंट्स अपने बच्चो को पढने के लिए स्कूल ऑटो,बस और जो भी साधन हो उससे भेजते हे लेकिन इनमे कितने बच्चे जा रहे हे ,कैसे जा रहे हे या जानवरों की तरह ठूस कर ले जा रहे हे कोई देखने या सुनने वाला नहीं हे कल ऑटो से जा रहा स्कूल का छात्र की मौत हो गयी ,ऑटो वाला भाग गया और स्कूल वालो ने छात्र के घर वालो को पांच लाख रुपया अनुदान के रूप में दे दिया तो क्या बच्चागया ,उस घर का चिराग भुझ गया ,जीवन भर सालता रहेगा ,क्या कोई इस बात की जाँच करेंगा मया थोड़े दिन
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